Loan against Mutual Funds क्या अच्छा ऑप्शन है, यहां जानिए

Loan against Mutual Funds : बैंक म्युचअल फंड्स को गिरवी रखकर भी लोन देते हैं। ये बिल्कुल इक्विटी शेयरों पर लोन लेने के तरीके सरीखा है।

कोरोना काल में म्युचुअल फंड्स पर डिजिटल लोन लेने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। चूंकि, ये तेजी से और कम समय लेने वाला ऑप्शन होने की वजह से भी पापुलर है।

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आप म्युचुअल फंड्स की यूनिट्स को किसी भी बैंक के पास गिरवी रखकर ऑनलाइन डिजिटल लोन ले सकते हैं। और तुरंत ओवर ड्राफ्ट ले सकते हैं।

Loan against Mutual Funds लेने के क्या हैं फायदे ?

Loan against Mutual Funds लेने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको अपनी म्युचुअल फंड स्कीम्स की यूनिट्स बेचने यानी रिडेम्पशन की जरूरत नहीं होती।

हालांकि, यदि आप किन्हीं कारणों से लोन का भुगतान नहीं करते हैं तो बैंक गिरवी रखे गए म्युचुअल फंड की यूनिट्स को बेचकर रिकवरी कर सकता है।

दूसरा लाभ ये है कि मार्केट परिस्थितियों के मुताबिक यदि आपको अपने म्युचुअल फंड पर नेगेटिव रिटर्न दिख रहा हो तो आप इसे घाटे में बेचने से बच सकते हैं।

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कितना मिल सकता है लोन

Loan against Mutual Funds– अलग-अलग बैंकों में लोन के लिए अधिकतम और न्यूनतम धनराशि तय होती है।
उदाहरण के तौर पर भारतीय स्टेट बैंक ने इक्विटी म्युचुअल फंड यूनिट्स पर लोन देने के लिये अधिकतम 20 लाख रुपये और न्यूनतम राशि 20 हजार रुपये तय की है।

बस यहां यह ख्याल रखना जरूरी है कि म्युचुअल फंड यूनिट्स को गिरवी रखकर लोन लेने के लिए 50 प्रतिशत मार्जिन की जरूरत होती है।

इसका मतलब ये हैं कि अगर आपको 10 लाख रुपये के लोन की जरूरत है तो कम से कम 20 लाख रुपये मूल्ये की म्युचुअल फंड यूनिट्स को गिरवी रखना पड़ेगा।

Loan against Mutual Funds पर ब्याज कितना है ?

अलग-अलग बैंकों और फाइनेंस कंपनियों में म्युचुअल फंड पर लोन ब्याज दरों में भिन्नता होती है। भारतीय स्टेट बैंक की बात करें तो वो ऐसे लोन पर सालाना 9.75 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलता है। जो पर्सनल लोन पर दिये जाने वाले ब्याज दर की तुलना में कहीं बेहतर है। गौरतलब है कि पर्सनल लोन पर ब्याज दर 16 प्रतिशत तक होती है।

बता दें कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और किसान विकास पत्र पर दिए गए लोन पर 11.90 प्रतिशत की ब्याज दर वसूलता है। इस नजरिए से म्युचुअल फंड को गिरवी रखकर लिये जाने वाला लोन सस्ता पड़ता है।

प्राइवेट कंपनी बजाज फि‍नसर्व 2 से 15 लाख का लोन 10.50 प्रतिशत के ब्या्ज पर देती हैं। वहीं, 15 लाख से करीब 1 करोड़ तक पर ब्याज दर 10.25 प्रतिशत रहती है।

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Loan against Mutual Funds लेना चाहिए या नहीं ?

लोन लेने के मामले में मोटी बात समझ लें। अगर लोन लेने के लिए कोई चीज गिरवी रखी जाए तो ब्याज दर काफी कम हो जाती है। लोन न चुका पाने की स्थिति में बैंक अपने पास जमा सिक्योरिटीज को बेच सकता है।

ब्याज दर के अलावा लोन के लिए बैंक हो या कोई और फाइनेंस कंपनी प्रोसेसिंग शुल्क भी लेती है।
एसबीआई में प्रोसेसिंग फीस लगभग 0.75 प्रतिशत है, जबकि बजाज फि‍नसर्व में 500 रुपये से 0.10 प्रतिशत है।

अगर आप लोन की धनराशि चुकाने में समर्थ है तो म्युचुअल फंड पर लोन लेना अच्छा विकल्प कहा जा सकता है। हालांकि आपको लोन लेने से पहले म्युचुअल फंड लोन की ब्याज दरों की तुलना जरूर करनी चाहिए।

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बता दें कि अगर आप अगर म्‍युचुअल फंड में नि‍वेश के इच्‍छुक हैं तो ऑनलाइन निवेश के लिए आपको डीमैट अकाउंट खोलना होगा। इसके लिए NJ India Invest Ltd में E Wealth Account  पर जाकर रजिस्‍ट्रेशन करें। यहां पैन कार्ड, आधार अपलोड कर अपना केवाईसी प्रोसेस पूरा करें।

आपके ईमेल पर अकाउंट का कन्‍फर्मेशन आते ही आप निवेश के लिए तैयार हो जाएंगे। किसी तरह की असुविधा होने पर आप 7860678995 पर WHATSAPP संपर्क कर सकते हैं। इस पर आपको आजीवन फ्री सलाह दी जाएगी।

उम्‍मीद है कि आपको “ Loan against Mutual Funds क्या अच्छा ऑप्शन है, यहां जानिए” लेख पसंद आया होगा।

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